आरती रति : लॉकडाउन में भी बच्चों की प्रेरणास्त्रोत एवं मार्गदर्शक शिक्षाविद

आरती रति, पटना की एक ऐसी निर्देशिका -सह- शिक्षिका जो कोरोना जैसे डरावने माहौल में भी शिक्षा के प्रति अपनी लगन, बच्चों के प्रति स्नेह और उनके भविष्य की चिन्ता की वजह से बच्चों की प्रेरणास्त्रोत एवं मार्गदर्शक बनी हुई है।

पटना की बेटी आरती के पिता बिहार सरकार से सेवानिवृत है, आरती की माँ एक कुशल गृहणी है। इनकी सासु माँ बिहार सरकार से सेवानिवृत शिक्षिका एवं इनके पति भारत सरकार के पी.एस.यू में वरीय उप-मंडल अभियंता है। आरती की प्रारम्भिक शिक्षा हाई स्कूलिंग माउंट कार्मेल स्कूल, बेली रोड, पटना से और उच्च शिक्षा बी.ए (हिस्ट्री हॉनर्स) पटना विमेंस कॉलेज, पटना यूनिवर्सिटी, पटना एवं एल.एल.बी पटना लॉ कॉलेज, पटना यूनिवर्सिटी, पटना साथ ही बी.एड इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी नई दिल्ली से संपन्न हुई है।

प्रारम्भिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक आरती हमेशा प्रथम श्रेणी में पास हुई है । बच्चों से भावनात्मक लगाव की वजह से इन्होंने वर्तमान क्षेत्र में आने का निर्णय किया। आरती के अनुसार बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने और सही दिशा देने के लिए उसका फाउंडेशन अच्छा होना चाहिए। इसलिए बच्चों के लिए Early Childhood Education एवं ब्रैन डेवलपमेंट के क्षेत्र में आने का निर्णय लिया। आरती के प्रेरणास्रोत इनके पति और पिता है । आरती अपनी सफलता का श्रेय अपने पूरे परिवार को देती है । 

आरती को बचपन से इसी शिक्षा के क्षेत्र में काम करने की रुचि रही है और विशेषकर बच्चों को मानसिक एवं शैक्षणिक विकास से संबंधित शिक्षा को लेकर। इनके पति हमेशा मानसिक एवं भावनात्मक रूप से सहयोग करते है साथ मे सकारात्मक सोच एवं मनोबल वृद्धि करने मे उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उनकी पहल, सहयोग और हिम्मत से ही आरती को इतना आगे बढ़ने का हौसला मिला। 

आरती पिछले वर्ष 2020 में सैनफोर्ट प्री-स्कूल बोरिंग रोड, पटना की शुरुआत 1st मार्च को की थी और कोविड-19 के कारण 15 मार्च 2020 से सरकारी आदेशानुसार स्कूल अगले आदेश तक बंद कर दिया गया। यह दौर आरती के लिए बुरा अनुभव रहा।

कोरोना की वजह से जब बहुत सारे प्राइवेट स्कूल बन्द हो गए और कुछ बन्द होने की कगार पे थे , और जब कोरोना की वजह से स्कूल प्रबंधक अपने स्कूल को सब ‘फ़ेल’ मान कर उसके बंद होने की तैयारी कर थे, उसी वक़्त एक ऐसी भी प्रबंधक-सह शिक्षिका आरती रति ने अपनी स्कूल को अपनी मेहनत और सूझ-बुझ से पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटल स्कूल में बदल के बच्चों को शिक्षित भी कर रही है और उनको नए-नए हॉब्बीस से परिचित करवाते हुए उनकी पर्सनालिटी डेवलप कर रही है।

आरती रति की सोच और हिम्मत, जिसने बुरी परिस्थिति के आगे एक मिनट के लिए भी घुटने नहीं टेके और जब लॉकडाउन जैसी विषम परिस्थिति में अधिकतर स्कूल बंद हो जाना किसी भी टीचर की प्रेरणा को ख़त्म कर सकता है, लेकिन आरती रति अपनी धुन की पक्की है। उन्होंने ठान लिया था कि वो इस स्कूल को बंद नहीं होने देंगी और नए जमाने के नए डिजिटल माध्यम से बच्चो को शिक्षित करती रहेंगी। आरती रति ने रिसर्च के बाद साथ प्लान बनाया और अपनी पटना के बोरिंग रोड़ में Sanfort Pre School की ब्रांच स्कूल को लॉकडाउन में डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदल के बच्चों को ऑनलाइन कोचिंग के साथ-साथ हॉबी क्लासेस देनी शुरू कर दी।

आरती के अनुसार “कहते है चुनौती हमेशा अवसर के साथ आती है हमे उस अवसर को समझने और लपकने की जरूरत होती है। मेरी भी जिंदगी में ऐसी अवसर आई और मेरे अंदर वर्षों से छुपी प्रतिभा बाहर निकाल कर आई और मैं गर्मी की छुट्टियों के समय मुफ़्त मे ऑनलाइन समर कैम्प की आयोजन की थी जिसमे देश और विदेश से लगभग 250 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। मैंने आर्ट एण्ड क्राफ्ट मे ऑरिगमी क्राफ्ट,ऑइल पेंटिंग,वाटर पेंटिंग आदि सिखायी। बाद मे कुछ बच्चों के डिमांड पर मैंने रेगुलर क्लास भी चलाने लगी जो “आरती रति क्रिएटिव आर्ट हब “ के नाम से जानी जाती है साथ ही इस नाम से यूट्यूब चैनल और फेसबूक पेज बनाई जो आज भी बच्चों और पेरेंट्स के बीच काफी लोकप्रिय है।”

आरती बच्चों को early उम्र मे ब्रैन डेवलपमेंट एवं लर्निंग ऐप्टिटूड विकास पर काम कर रही है । इसी क्रम मे पटना मे पहली बार ये अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्री-स्कूल चैन का ब्रांच सैनफोर्ट प्री-स्कूल को लेकर आयी है । यह संगठन भारत मे 250 से अधिक ब्रांच के साथ तीन देशों मे काम करती है। आरती की संस्था सैनफोर्ट देश में एकमात्र प्री-स्कूल श्रृंखला है जिसमें “ट्रू स्मार्ट लर्निंग सिस्टम” है, जो प्री-स्कूल शिक्षा की यू.के. अवधारणा (UK Concept) पर आधारित है, जो बच्चे के विकास के दो प्रमुख एजेंडों पर ध्यान केंद्रित करता है: 1) पहला तनाव- मुक्त शिक्षा, 2) रोल-प्ले और कई लोकप्रिय आधुनिक तरीकों की सहायता से संकल्पना आधारित शिक्षण। आरती की संस्था सैनफोर्ट के मजबूत पाठ्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को एक सुरक्षित वातावरण में खेलने के माध्यम से सीखने और अपने सहपाठी समूहों के बीच सामाजिक आत्मविश्वास विकसित करना है। 

हाउसवाइफ की जिंदगी से बाहर आकर आरती की पहचान एक शिक्षाविद के रूप मे ग्लोबल स्तर पर बन चुकी है, और यही बात आरती अपने लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानती है और बच्चों एवं पेरेंट्स के द्वारा इनको काफी स्नेह और प्यार मिला, यही अपने लिए पुरस्कार समझती है।

आरती का कहना है की “मैं सोचती थी की पटना के बच्चों को भी मेट्रोपॉलिटन शहरों की तरह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए और आज वह सपना सैनफोर्ट प्री-स्कूल के जरिए सच हुई। मेरी अपनी राय यह है की बच्चों को Early उम्र मे शिक्षा का दबाव नहीं होना चाहिए क्योंकि इस उम्र मे बच्चों मे लगभग 80 से 90 प्रतिशत मानसिक विकास होता है। सैनफोर्ट देश में एकमात्र प्रीस्कूल श्रृंखला है जिसमें “ट्रू स्मार्ट लर्निंग सिस्टम” है, जो प्री-स्कूल शिक्षा की यू.के. अवधारणा (UK Concept) पर आधारित है, जो बच्चों को तनाव- मुक्त शिक्षा खेल के माहौल मे प्रदान करती है।”

आरती शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरी के लिए भविष्य के लिए ऐसी योजना लेकर आयी है जिससे बिहार एवं यहां के युवाओ का भला हो सके। आरती आगे बताती है की “मैंने इस वर्ष “हॉबी ऐक्टिविटी हब” के ब्रांड नेम पर एक नई संस्था की शुरुआत की है जिसमे 4 से 16 वर्षों के लिए कराटे, गिटार, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, आर्ट एण्ड क्राफ्ट, calligraphy आदि मे प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे बच्चे अपने हॉबी को करिअर मे परिवर्तन करने मे सफल होंगे। खासतौर पर लड़कियों को कराटे का प्रशिक्षण देकर उसे सेल्फ डिफेन्स और आत्मनिर्भर बनाना है। मैंने इसी वर्ष 2021 में पूर्वी भारत की सबसे बड़ी शिक्षण संस्थान “ माइन्ड मंत्रा अबेकस” की फ्रैन्चाइज़ीशिप लेकर बोरिंग रोड पटना शाखा की शुरुआत की है। जिसमे 4 से 18 वर्ष के बच्चों को अबेकस ब्रैनजिम और वैदिक मैथ्स की प्रशिक्षण दी जाएगी। इस प्रशिक्षण के द्वारा बच्चों में एकाग्रता,स्मरण शक्ति, सृजनात्मकता, आत्मनिर्भरता, लेखन-श्रवण शक्ति,आत्मविश्वास, प्रस्तुतीकरण वृद्धि करना है।”

आरती को आर्ट एण्ड क्राफ्ट, गायन, नृत्य,नए नए जगहों घूमना एवं वहाँ के संस्कृति को समझना काफी पसंद है और ये समाज के ऐसे तबके को नापसंद करती है जो लड़कियों को पढ़ने और जिंदगी में आगे बढ़ने का मौका नहीं देते है।

 बिहार को शिक्षा के क्षेत्र मे एक नई आयाम देने की कोशिश में लगी आरती संघर्षशील युवाओ के लिए सन्देश देना चाहती है की “खुद पर भरोसा रखें, अपनी काबिलियत को निखारे और सकारात्मक सोच के साथ अपनी मंजिल की ओर प्रयत्नशील रहे। विषम परिस्थिति मे हिम्मत नहीं हारें और चुनौती मे भी अवसर की तलाश करें। महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर आकर अपने सपनों को सच करने के लिए प्रयास करना चाहिए और विषम परिस्थिति मे हिम्मत नहीं हारना चाहिए। हरिवंश राय बच्चन जी की एक पंक्ति है – “लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,कोशिश करने वालों की हार नहीं होती” ।

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