आशीष सत्यव्रत साहू : फैशन डिजाइनिंग में युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

कहते है ना प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती है, वो अपना रास्ता खुद-ब-खुद बना लेती है । चाहे आप किसी गांव-कस्बे में हो या फिर देश के किसी भी कोने में ही क्यों ना हों, इसके लिए जरूरत है तो बस मेहनत और कड़ी लगन की, ऐसा ही कुछ कर दिखाया है रांची के रहने वाले फैशन डिजाइनर आशीष सत्यव्रत साहू ने । जो खादीवाला डिजाइनर के रूप में अपनी पहचान बनाई और खादी को फैशन के रूप में प्रस्तुत कर भी देश दुनिया में भी कीर्तिमान स्थापित किया है, आशीष सत्यव्रत साहू खादीवाला डिजाइनर के रूप में जाने जाते है और कई सालों से झारखंड की कला संस्कृति, टेक्सटाइल हेंडलूम को लेकर काम कर रहे है। खादीवाला डीजाइनर को फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा प्रीलिमिनर डिजाइनर मेंबरशिप के रूप में मिला हैं, ये झारखंड के पहले डिजाइनर है जिन्हें एफडीसीआइ की सदस्ता मिली है।

पढ़ाई पूरी करते ही युवा वर्ग नौकरी की तलाश में जुट जाते है कुछ समाज में अपने अलग पहचान बनाने की तलाश में निकल जाते है, आशीष की कहानी कुछ ऐसी है कॉलेज की पढाई पूरी करने के बाद से ही फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में कुछ करने की ठानी , ललक और परिश्रम की बदौलत आज आशीष ने अपने मुकाम को पा लिया है। अभिनेत्री सन्नी लियोन भी आशीष खादीवाला डिजाइनर के कपड़े पहन चुकीं हैं

आशीष सत्यव्रत साहू को कड़ी मेहनत से कामयाबी मिली है, फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा प्रीलिमिनर डिजाइनर में सदस्यता मिलने के बाद आशीष बेहद खुश है । आशीष सत्यव्रत साहु जो काली स्थान, चर्च रोड रांची के निवासी है, स्कूलिंग सत पॉल स्कूल बहुबाजार , इंटर संत जेवियर कॉलेज रांची से करने के बाद डिजाइनिंग की पढाई निफ्ट, गांधीनगर गुजरात से किया है, आशीष पिछले कई वर्षो से झारखण्ड की कला, संस्कृति, खादी हैंडलूम टेक्सटाइल को लेकर काम कर रहे है, साथ ही कई राष्ट्रीय स्तर के अवार्ड भी अपने नाम कर चुके है, DLF EMPORIO डिज़ाइन अवार्ड, वोग HONOURS डिज़ाइन अवार्ड, TFI डिज़ाइन अवार्ड, TASSEL डिज़ाइन अवार्ड से नवाजे जा चुके हैं। 

आशीष बताते है “मै FDCI के सदस्यता के लिए पिछले कई वर्षो से कोशिश कर रहा था और आखिर कर मेरे पोर्टफोलियो एंड लुकबुक्स के फाइनल जूरी के बाद 11 मार्च 2021 को ई-मेल के द्वारा सदस्यता मिलने की बात बताई गई, जो मेरे लिए बहुत ही ख़ुशी का पल था, झारखण्ड से मै पहला डिज़ाइनर हुं जिसे FDCI का सदस्यता मिली है , जिसका मै सारा श्रेय अपने माता पिता को देता हूं।” आशीष आगे अपनी परिश्रम की कहानी में बताते है की खादीवाला फैशनडिजाइनर के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी, सपना था खादी के फैशन की जगत में एक अलग अंदाज में पेश करने की, इसके बाद खादी पर फैशन डिजाइनिंग में युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके है । 

 

स्त्रोत : अमिता सिन्हा (राँची )

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