जुनून के साथ रिपोर्टिंग के क्षेत्र में पहचान बनाती News18 Bihar की युवा महिला पत्रकार “आव्या नैन्सी”

दुनिया का हर सफल व्यक्ति किसी ना किसी की सफलता और संघर्ष की कहानी से प्रेरित होकर आगे बढ़ता है, क्योंकि जब भी हम किसी की सफलता और संघर्ष की कहानी पढ़ते है तो उनके जीवन से बहुत कुछ सिखने को मिलता है। आज जो युवतियां पत्रकारिता और रिपोर्टिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती है उनको बिहार की बेटी “आव्या नैन्सी” की सफलता और संघर्ष की कहानी से बहुत कुछ सिखने के लिए मिल सकता है ।

बिहार के एक छोटे से शहर जमालपुर, मुंगेर में जन्मी “नैन्सी” आज हिंदी पत्रकारिता और रिपोर्टिंग के क्षेत्र में किसी परिचय की मोहताज नहीं है। इनके माँ- पापा दोनों सरकारी कर्मचारी है। इनके परिवार में माँ-पापा के अलावा इनसे बड़ी एक बहन और एक छोटा भाई है। माँ-पापा की जॉब की वजह से इनको बचपन से ही hostel में रहना पड़ा,इस दौरान इन्होंने प्रारंभिक शिक्षा Adwita Mission High School (बॉसी, बांका) से की। और बाद में उच्च शिक्षा के लिए नैंसी 2013 में दिल्ली चली गई, जहां इन्होने दिल्ली विश्वविधालय से जन संचार (Mass Communication) की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही इन्होने अपने कदम समाचार जगत में रख दिए । 2016 में दिल्ली के बड़े ब्रांड “इंडिया न्यूज” से इन्होंने अपनी कैरियर की शुरुवात की, जहां बतौर इंटर्नशिप उन्होंने काम किया.. और फिलहाल न्यूज़ 18 बिहार झारखण्ड के लिए काम कर रही है।

इनके अनुसार पत्रकारिता एक जनून है :
पत्रकारिता और रिपोर्टिंग के क्षेत्र में अच्छे और बुरे का अनुभव साझा करते हुए बताती है की “इस क्षेत्र में हर रोज एक नई चुनोती का सामना करना होता है। हर रोज कई ऐसी महिलाओं से ग्राउंड पर मिलना होता है जो किसी न किसी घटना या उत्पीड़न का शिकार हुई होती है, इनसे मिल कर मन बहुत दुखी होता है, कभी रेप पीड़ित, कभी घेरलू हिंसा की शिकार महिला, और कभी धोखा की शिकार महिला। पर ख़ुशी तब मिलती है जब उनको मेरी वजह से न्याय मिल पाता है, उनको मैं न सिर्फ सिर्फ न्याय दिलवाने में मदद करती हूं बल्कि उन्हें स्वालंवी बनने के उपाय भी बताती हूँ।” वही एक सफल पत्रकार वही है जिसमे कुछ कर गुजरने का जुनून है।

पिता नही चाहते थे मीडिया में कैरियर बनाए :
आम अभिभावक की तरह इनके फादर भी चाहते थे की नैंसी बड़ी होकर, उनकी तरह ही कोई सरकारी नौकरी करे या डॉक्टर बने। इसी कारण जब इन्होंने नोएडा में पहली जॉब की तो उनके पिता को पसंद नहीं आया । इनके पिता के अनुसार घर मे माँ-पिता के अलावा इनकी बड़ी बहन भी सरकारी जॉब में है, ऐसे में इनसे भी यही उम्मीद थी। लेकिन इनकी लगन और मेहनत के आगे परिवार वाले ने घूँटने टेक लिए.. और अब परिवार का भरपूर सहयोग और हिम्मत मिलने लगा है। जब भी इनके परिवार वाले इनको टीवी पर देखते है तो बहुत खुश होते है और चाहते है कि ये और आगे बढे।

रविश कुमार है आइडियल :
रविश कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना आदर्श मानने वाली नैंसी का कहना है की जब रविश कुमार जी गेस्ट लेक्चरर के रूप में मेरे कॉलेज आए थे और जिस बारीकी से उन्होंने मुझे पत्रकार और एक अच्छा पत्रकार में फर्क बताया उसी दिन से मैं उनको अपना आदर्श मानने लगी हूँ।

पत्रकारिता में अपना कैरियर बनाने वाले युवाओं को संदेश :
नैंसी बताती है कि, जो लोग पत्रकारिता के क्षेत्र में आना चाहते है, तो उन्हें पहले खुद से सवाल करना चाहिए कि ,आखिर जर्नलिज्म क्यों करना चाहते है ? अगर उत्तर पक्ष में आए तो उसके लिए मेहनत करे। नॉवेल पढ़े, हर रोज 2 से 3 समाचार पत्र को जोर जोर से पढ़े। न्यूज़ देखते वक़्त एंकर और रिपोर्टर के बात करने की शैली पर ध्यान दे। इसके अलावा जो इस फील्ड में आ चुके है और संघर्ष कर रहे है, उनके लिए कहना चाहूंगी कि, अगर आपका रास्ता सही है, आप सही काम कर रहे तो आपको धैर्य के साथ आगे बढ़ते चलना है, भले ही आप कछुवा के चाल से ही आगे क्यों न बढ़ रहे हो। हालात चाहें जैसे भी हो, कितनी भी मुश्किल आई हो पर हिम्मत न हारे और नए अवसर की पहचान करे। क्यों कि यहां हज़ारों हज़ार की भीड़ है ऐसे में आपको अपनी पहचान खुद बनानी है, हमेशा हर मामले में दूसरी की कही सुनाई पर नही बल्कि खुद की नई सोच लेकर चलना है, ताकि आप बदलाव ला सके।

निर्णय लेने में न लगाएं ज्यादा ध्यान :
नैंसी कहती है कि, जीवन में निर्णय लेने में जितना समय लोग लगाते है उतना ही उलझते जाते है, इस कारण से निर्णय लेने में देरी नहीं करना चाहिए, बस निर्णय सोच समझ कर और सटीक ले। क्यों कि हर कार्य में कमी होती है, हर कार्य में समस्या होती है, समस्या हमारे जीवन का हिस्सा है इनसे इंसान को दूर नहीं भागना चाहिए बल्कि इनसे डटकर मुकाबला करना चाहिए। जिस व्यक्ति में तुरंत निर्णय लेने की क्षमता नहीं होती है,वह जीवन में कभी भी कुछ नया नहीं कर पाते है और ना ही जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर पाते है। तुरंत निर्णय लेने की ताकत आपको एक मजबूत इंसान बनाती है ।

फ्री समय मे मूवीज़ और नावेल पढ़ना है पसंद:
” नैन्सी” के पास वैसे तो कभी खाली समय नही होता है, लेकिन अगर इनको कभी फ्री समय मिलता है तो इनको नॉवेल पढ़ना, डॉक्यूमेंट्री मूवी देखने का शौक है, और इनसब के अलावा इनको शॉपिंग करने से बहुत खुशी मिलती है। पत्रकारिता के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी “नैन्सी” रूचि रखती है और बिहार में महिलाओ के बेहतरी के लिए काम करना चाहती है। “आव्या नैन्सी” को उनके काम की वजह से कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है और कई प्रसस्ति पत्र एवं मेडल मिल चुके है।

“नैन्सी” शुरू से ही अपने काम को लेकर बहुत उत्साहित रही और वह पत्रकारिता और रिपोर्टिंग के क्षेत्र में बड़ा करना चाहती थी और देश एवं बिहार राज्य को अपने कार्यो के माध्यम से कुछ देना चाहती थी , और आव्या ने अपनी क्षमताओं के आधार पर यह सब कर के दिखाया है और एक संदेश दिया है कि अगर आप किसी कार्य के प्रति उत्साहित हैं तो आप दुनिया में उस काम को सबसे बेहतर तरीके से कर सकते है और यही सफलता का मूलमंत्र है। अभी बिहार में विधानसभा का चुनाव चल रहा है और इस दौरान हर तरह के  परेशानी का सामना करते हुए आव्या जिस हिम्मत, साहस और ईमानदारी से रिपोर्टिंग कर रही है, इससे मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार भी इनके कायल हो गए है। कोरोना काल में भी अपने जान और स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखते हुए आव्या एक पत्रकार के साथ – साथ बिहार की बेटी होने का भी फ़र्ज़ बखूबी निभा रही है।

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