लालगंज विधानसभा क्षेत्र में जननायिका की छवि के साथ तेजी से उभर रही राजद नेत्री “मंजू सिंह”

लालगंज, वैशाली  विधानसभा क्षेत्र में जननायिका की छवि के साथ तेजी से उभर रही  हैं राजद महिला प्रदेश-उपाध्यक्ष सह राजद नेत्री मंजू सिंह

बिहार का राजनितिक इतिहास महिलाओं की प्रतिभा का गवाह रहा है। राबड़ी देवी से लेकर मीरा कुमार, रंजीत रंजन, मीसा भारती आदि तक, बिहार की राजनीती में महिलाओं की जब भी जरूरत पड़ी वो अपने हाथों में राजनीतिक राजदंड को मजबूती से पकडे रखी। बिहार ने समय-समय पर ऐसी प्रभावशाली महिला राजनीतिक हस्तियों को भी देखा है। उनकी योजनाओं और राजनीतिक लक्षणों को कई लोगों ने सराहा और कई ने आलोचना की। हालांकि, बिहार और देश के विकास में उनके योगदान को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

लालगंज, वैशाली  विधानसभा क्षेत्र से राजद की  महिला प्रदेश-उपाध्यक्ष मंजू सिंह इन दिनों पूरे वैशाली की राजनीति में चर्चा में है।  चर्चा सिर्फ इसलिए नहीं कि वे लालगंज विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय है बल्कि चर्चा इसलिए भी कि कोरोना काल में उन्होंने अपने क्षेत्र के लोगों के लिए आगे बढ़ कर एक मिसाल भी कायम की है, इससे पहले चमकी बुखार के बुरे वक़्त में भी ये विधानसभा के लोगो के सेवा में लगी रही जब वहा के स्थानीय लोजपा के विधायक क्षेत्र के लोगो की समस्या से भागे हुए थे, चमकी बुखार के समस्या के दौरान ये लगातार एक महीना लोगों की सेवा में लगी रही।  मंजू सिंह  युवा है, जनप्रिय हैं, लोगों के बीच, कार्यकर्ताओ के बीच ज्यादा समय बिताती हैं । मंजू सिंह अपने विधानसभा लालगंज के लिए खुद को समर्पित कर दी हुई है, मंजू सिंह अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत राजद से ही की थी और आज तक वो अपनी पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ राजद में ही है, वर्तमान में मंजू सिंह महिला प्रदेश-उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है। मंजू सिंह के क्षेत्र में अपने कार्यो की वजह से लोकप्रियता के कारण राजद से इनका टिकट पक्का माना जा रहा है, पर इनसे राजनैतिक बैर रखने वाले कई लोग लालगंज में मंजू सिंह को घेरने की तैयारी में भी हैं। मंजू सिंह सभी चक्रव्यू रचने वाले लोगों से दूर अपने क्षेत्र में जनता के बीच में सेवा भाव से लगी हुई है, जिसका रिपोर्ट राजद महिला प्रदेश अध्यक्ष उर्मिला ठाकुर, राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और अगले विधानसभा में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार तेजस्वी प्रसाद यादव तक पल-पल पहुंच रही है। मंजू सिंह भी जानती हैं कि वोट जनता को ही करना है और जनता जिसे चाहेगी वहीं यहां से जन प्रतिनिधि बनकर जाएगा इसलिए वह हड़बड़ी में नहीं है और उन्हें तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व पर भरोसा है। लालगंज, वैशाली  विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के बीच मंजू सिंह की बहुत ज्यादा  प्रभाव एवं अच्छी पैठ है।

पिछले 10 सालों से मंजू सिंह लगातार समाज से जुड़े हर वर्ग जैसे – किसान, मजदूर छात्र, महिला,आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य कर्मचारी, आशा सभी समस्याओ के मुद्दों को उठाते हुए इनके समाधान के लिए भी प्रयासरत रही। चाहे किसान के खाद, बीज, डीजल अनुदान, फसल छती-पूर्ति, बाढ़-सुखाड़, इंदिरा आवास, शौचालय या घूसखोरी के खिलाफ शिक्षकों का आंदोलन हो मजदूरों का आंदोलन हो, हर मुद्दे को मंजू सिंह बहुत मजबूती से उठाई एवं सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई, बहुत सारी जगह में सफलता भी मिली, क्षेत्र में कहीं भी कोई जरूरतमंद को इनकी जरूरत हुई ये खुद भी गाड़ी चलाकर उनकी सहायता करने पहुंची है। ये क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को भरसक दूर करने का पूरा प्रयास की, ये जहाँ भी पहुंची वहां की समस्याओ से लोगों को निजात दिलाई। चमकी बुखार जो हरबंशपुर मांगन पुर शाखा में हुआ था, उस वक़्त हरबंशपुर को तो हर चैनल दिखा रहे थे और ये उस 1 महीने दिन-रात पीड़ितों की सेवा में लगी रही। उस दौरान इनका यही प्रयास था की जिस गांव में पड़ोस के लोग तक पीड़ितों की सहायता करने नहीं जा रहे थे, वहां देश की सारी सारा मीडिया पहुंच गयी थी और स्थानीय लोजपा विधायक गायब रहे, यहाँ तक की वो एक दिन भी क्षेत्र में पीड़ितों के बीच नहीं पहुंचे उस समस्या के बीच मंजू सिंह हरबंशपुर आने वाले लोगों को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पीड़ितों की सेवा में लगी रही।  इसी तरह साहथा और अन्य जगह पर गरीबों का घर जल गया था, उस भीषण समस्या में ये आमरण अनशन पर बैठ कर उनको इंदिरा आवास दिलवाई, नेपाल में भूकंप के समय वहां वैशाली जिला के काफी मजदूर जब वैशाली लौटे थे उनके लिए भी इन्होने अनशन किया तब जाकर सरकार ने उन लोगों को सुविधा दिया, वैशाली सूखा के समय में सूखाग्रस्त घोषित नहीं हुआ, किसानों को बहुत नुकसान हो रहा था फिर इन्होने अनशन करके सूखाग्रस्त घोषित करवाया, साथ ही बहुत सारी महिलाएं जो ससुराल से पीड़ित थी पति द्वारा प्रताड़ित किया जाता था उनको इन्होने न्याय दिलवाया है।  

वैशाली से संबंद्ध रखने वाली चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी मंजू सिंह साधारण माध्यम वर्ग परिवार से ताल्लुक रखती है, इनके पापा फ़ौज से जुड़े हुए थे और इनकी माँ एक गृहिणी । इनकी पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय  से संपन्न हुई है। पारिवारिक पृष्ठभूमि फौज से होने के कारण ये अनुशासन और नियम में रहना पसंद करती है और दुसरो से भी अनुशासनात्मक रवैया की उम्मीद रखती है। बचपन से ही इनका सपना बिहार की भलाई और बेहतरी के लिए कुछ करना था इस वजह से ये बिहार की बेहतरी के लिए करने की इच्छा से बिहार में ही  रहना ज्यादा पसंद की। यहां के राजनीतिक और सामाजिक हालात और स्थितिओं से सामंजस्य बैठाने में शुरूआती समस्याओं के बाद मंजू सिंह अब यहां के वातावरण में घुल-मिल गयी है और बहुत हद तक तो ये यहाँ की समस्याओ को जमीनी रूप से  समझती है और उसके समाधान के लिए कार्य भी करती है।  

राजनीति में आने से पहले मंजू सिंह हाजीपुर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में स्कूल-प्रभारी के रूप में भी काम की हुई है, इसके बाद ये अपनी सिक्योरिटी एजेंसी की शुरआत की जिसे आज ये राजनीति के साथ-साथ सफलतापूर्वक चला रही है। राजनीति में ये सेवा भावना से आयी है, जब भी ये लोगों की समस्याओ को देखती थी तो इनके मन में काफी तकलीफ होती थी और ये उनकी सहायता करती थी, लोगों की समस्याओ को दूर करके इनको बहुत खुशी मिलती है, आज भी ये किसी को समस्या में देखकर सो नहीं पाती और उसकी सहायता और समाधान के प्रयास में लग जाती है। मंजू सिंह समाज सेवा करते-करते ये लोगो के बीच इतने प्रसिद्द हो चुकी थी की लोग अपनी समस्याओं को लेकर रोज इनके पास आने लगे और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए इनको वरीय पदाधिकारिओं जैसे – डीएम, एसपी आदि के पास जाना पड़ता था। यहां इस तरह इनको एहसास होने लगा की राजनीती में रहने से बहुत सारा काम और लोगों की सेवा करना आसान हो जाएगा क्योंकि अगर आपके नाम के साथ किसी प्रतिष्ठित राजनितिक पार्टी का सिंबल रहने से लोग आपकी बातों को बहुत ध्यान से सुनते और प्रतिक्रिया देते है। बिना राजनितिक रसूख के आपकी बातों को बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है। मंजू सिंह किसी राजनितिक पृष्ठ्भूमि से नहीं थी लेकिन ये लालू प्रसाद यादव के सामाजिक कामों जैसे उन्होने गरीबो, दलितों, कुचले और समाज के पिछड़े लोगों के लिए जैसे उन्होंने काम किया और उनको आवाज दिए उनसे ये प्रभावित होकर राजद ज्वाइन की, मंजू सिंह को अहसास है की राजद में रहकर जी अच्छे से, ईमानदरी से समाज के निचले पायदान के लोगों के लिए कार्य किया जा सकता है। ये स्वामी विवेकानंद से भी काफी प्रभावित है।  मंजू सिंह को बच्चों, पेड़-पौधों और जानवरो से बहुत लगाव है। ये अपनी बहुत सारे कार्य खुद करने में यकीन रखती एवं पसंद करती है, जैसे – खाना बनाना, गाड़ी चलाना या खुद और घर का कोई काम हो। इनको साफ़-सफाई बहुत पसंद है, पुराने गाना सुनना पसंद करती है। मंजू सिंह के पास लालगंज विधानसभा की समस्याओ के समाधान के लिए योग्य ख़ाका है, किसानों की समस्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भर करना आदि जैसे काम इनकी प्राथमिकता है।

युवाओं को सन्देश देते हुए मंजू सिंह का कहना है की “राजनीति को सेवा भावना से देखे, इसमें रौब जमाने या पैसा बनाने के उद्देश्य से आना सही नहीं है, जो युवा राजनीती में अपना करियर बनाना चाहते है, उन्हें सब्र और संयम रखते रखते हुए अपने काम को ईमानदारी से करते रहना चाहिए, लक्ष्य तक पहुचने से पहले हर रोज़ हमारे सामने कई कठिनाई आती हैं जिनसे घबराकर हमारा मन उदास हो जाता है और संघर्ष करना छोड़ देते है, ऐसी हालत में ही आपके सब्र और संयम का इम्तिहान होता है। अपने मन को हमेशा उर्जावान और उत्साही बनाये रखें तो आप जरूर आगे बढ़ेंगे।

 

 

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