डॉ. सुष्मिता सिंह से जानें मास्क के प्रयोग का सही तरीका, Coronavirus से बचा सकता है N95 मास्क

डॉ. सुष्मिता सिंह के अनुसार  कोरोना वायरस बीमारी के लक्षण बेहद कॉमन हैं और कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से पीड़ित न हो तब भी उसमें ऐसे लक्षण दिख सकते हैं।  जैसे-नाक बहना, सिर में तेज दर्द, खांसी और कफ, गला खराब, बुखार, थकान और उल्टी महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस आदि। कोरोना वायरस की वजह से रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट यानी श्वसन तंत्र में इंफेक्शन हो जाता है। चूंकि अब तक इस बीमारी का कोई इलाज नहीं मिला है लिहाजा ऐहतियात बरतना बेहद जरूरी है और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

बैक्टीरिया मास्क से वायरस से बचाव 
अपोलो क्रेडल अस्पताल, पुणे में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुष्मिता सिंह के अनुसार, एन 95 मास्क बैक्टीरिया और वायरस से बचाने में बहुत मददगार है और इसलिए एन 95 मास्क भी इस नए कोरोना वायरस से बचाने में मदद कर सकता है। हालाँकि, सरल या सर्जिकल मास्क वायरस के संचरण को रोक नहीं सकते हैं। यही कारण है कि N95 मास्क की बिक्री बहुत तेजी से हुई है और कई जगहों पर इस मास्क की कमी भी बाजार में हुई है। N95 मास्क में 6 परतें होती हैं जो सूक्ष्म बैक्टीरिया और वायरस को प्रवेश करने से रोकती हैं।

मास्क किसी संक्रमण या प्रदूषण से बचाव का एक सामान्य साधन है। आपको याद होगा कि कुछ समय पहले जब दिल्ली में प्रदूषण की समस्या बढ़ गई थी, तब लोग उससे बचने के लिए मास्क पहनने लगे थे। वास्तव में कोई सामान्य मास्क आपकी सांस के साथ आपके शरीर में धूलकणों को अन्य बाहरी चीजों को जाने से रोकने के काम आ सकता है। इसी तरह खांसी-जुकाम से पीड़ित कोई व्यक्ति यदि मास्क लगाता है तो उसके खांसने-छींकने के साथ मुंह-नाक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदें दूसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंचेंगी। इसलिए यदि आपको खांसी-जुकाम है तो मास्क अवश्य पहनें। ताकि संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिले।

मास्क कब प्रयोग करना चाहिए
– अगर आप स्वस्थ्य हैं तो आपको मास्क पहनने की जरूरत सिर्फ तभी है जब आप किसी बीमार व्यक्ति की देखरेख में लगे हैं, खासकर अगर वो कोरोना वायरस से पीड़ित है
– अगर आपको खांसी, सर्दी और छींक आ रही है तो मास्क का इस्तेमाल करें
– मास्क तभी असरदार साबित होगा जब आप उसके साथ हैंड हाइजीन का भी ख्याल रखें यानी नियमित रूप से हैंड वॉश करते रहें
– अगर आप मास्क का प्रयोग कर रहे हैं तो आपको पता होना चाहिए कि मास्क को सही तरीके से कैसे पहनना है और फिर उसे डिस्पोज कैसे करना है

मास्क पहनते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
– मास्क पहनने से पहले अपने हाथों को साबुन पानी या फिर ऐल्कॉहॉल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर से अच्छी तरह से साफ कर लें
– अपनी नाक और मुंह को मास्क से अच्छी तरह से ढंक लें ताकि मास्क और चेहरे के बीच कोई गैप न रहे
– मास्क पहने हुए हैं तो उसे बार-बार गंदे हाथों से टच ना करें
– यदि मास्क छू लिया है तो हाथों को तुरंत साफ करें।
– सिंगल यूज मास्क को दोबारा बिलकुल यूज न करें और हर बार एक नए मास्क का इस्तेमाल करें
– मास्क को हटाते वक्त उसे सामने से बिलकुल टच न करें और पीछे की तरफ से पकड़ कर खोलें और तुरंत ऐसे डस्टबिन में डालें जिसमें ढक्कन लगा हो
– उसके बाद एक बार फिर हाथों को साबुन पानी या सैनिटाइजर से अच्छी तरह से साफ कर लें
– कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज की देखभाल कर रहे हैं तो मास्क लगाएं।
– मास्क को कभी भी बाहर की ओर से हाथ न लगाएं।
– मास्क को पीछे से उतारे और उसे डस्टबीन में ही डालें।
– मास्क उतारने के बाद अपने हाथों को जरूर सैनिटाइज करें।
– अकेले मास्क पहनने से आप SARS-CoV-2 संक्रमण होने से नहीं बच पाएंगे इसके साथ ही आपको हैंडवाशिंग और सोशल (फिजिकल) डिस्टेंसिंग का भी पालन करना होगा।
– क्लॉथ मास्क अन्य प्रकार के मास्क जैसे कि सर्जिकल मास्क या N95 श्वासयंत्र के रूप में प्रभावी नहीं होते हैं। हालांकि, इन अन्य मास्क को स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आरक्षित किया         गया है।
– 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को मास्क नहीं पहना जाना चाहिए।

मास्क को सही तरीके से डिस्पोज कैसे करें
– इस्तेमाल किए गए फेस मास्क से कोरोना के वायरस फ़ैल सकते हैं, उन्हें बेतरतीब ढंग से कचरे के रूप में नहीं छोड़ना चाहिए।
– आज-कल लोग पहले से उपयोग किया हुआ मास्क या तो प्रयोग कर रहे है, किसी को दान में दे रहे है या कही भी कचरा में फेंक दे रहे है जो की बहुत ही गलत है क्योंकि वायरस एक या दो दिनों तक जीवित रह सकता है, इसलिए प्रयुक्त मास्क संक्रमण का एक नया स्रोत बन सकता है।
– दूषित मास्क कचरे को घरेलू कचरे के साथ मिलाना अनुचित है।
– यदि कोई विशेष कचरा डिब्बे उपलब्ध नहीं हैं, तो आप अपने इस्तेमाल किए गए मास्क के दोनों तरफ कीटाणुनाशक स्प्रे कर सकते हैं और उन्हें कूड़ेदान में सील प्लास्टिक बैग में सकते हैं।
– दूसरों और खुद की सुरक्षा के लिए, आप को अपने इस्तेमाल किए गए मास्क की देखभाल करनी होगी। उन्हें कीटाणुरहित करने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि प्रयुक्त मास्क कोरोनावायरस का दूसरा स्रोत नहीं बनेंगे।

इम्युनिटी बढ़ाने के तरीके
कोरोनावायरस (Covid-19) के संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ जरूरी है कि आपकी इम्युनिटी भी बेहतर हो। इम्युनिटी यानी किसी बीमारी, वायरस, बैक्टीरिया से लड़ने की आपकी शरीर की आंतरिक ताकत। कोरोना महामारी से जूझते इस वक्त में हम सभी के लिए अपनी सेहत अच्छी रखना बेहद जरूरी है। इसका सबसे अच्छा तरीका है अपनी इम्युनिटी बढ़ाना। आपकी बेहतर इम्युनिटी आपको कोरोनावायरस संक्रमण से बचाने में अहम भूमिका निभाती है। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डॉ. सुष्मिता सिंह ने कुछ बातें सुझाई हैं.

– घर की छत पर या बालकनी में धूप के वक्त कुछ समय जरूर बिताएं। धूप हमारे शरीर में मौजूद संक्रमण से लड़ने में मदद करनेवाली टी-कोशिकाओं को ऊर्जा देती है।
– ध्यान और योग से दिमाग शांत रहता है और खुशी बढ़ती है। तनाव से मुक्ति शरीर को मजूबती देती है। इससे प्रतिरोधक कोशिकाओं को वायरस प्रभावित अंगों को पहचानने और वायरस पर वार करने में मदद मिलती है।
– नियमित कसरत करने से खांसी-जुकाम होने का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। कसरत से प्रतिरोध प्रणाली मजबूत होती है।
– अच्छी नींद हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बेहद मददगार है।
– कोशिश करें कि दिनभर में जितनी बार भी पानी पीएं, उसे हल्का गर्म करके ही पीएं। खासतौर पर ठंडे पानी से फिलहाल परहेज करें। क्योंकि बदलते मौसम में ये आपको बीमार बना सकता है।
– रोज कम से कम 30 मिनट का समय सिर्फ अपने लिए निकालें। इस बीच योगासन, प्राणायाम और ध्यान लगाएं। परिवार के साथ रहते हैं, तो घर के अन्य सदस्यों को भी ऐसा करने के लिए कहें। इससे तन और मन दोनों तंदुरुस्त होगा।
– दिन में कम से कम एक या दो बार हर्बल चाय / काढ़ा पीएं। यहां समझें कि काढ़ा कैसे बनाना है – पानी में में तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सूखी अदरक, मुनक्का मिलाकर अच्छी तरह धीमी आंच पर उबालें। स्वाद के अनुसार इसमें गुड़ या नींबू का रस मिला सकते हैं।
– दिन में कम से कम एक या दो बार हल्दी वाला दूध पीएं। 150 मिली लीटर गर्म दूध में करीब आधी छोटी चम्मच हल्दी मिलाकर पीएं।
– नैजल एप्लीकेशन : रोज सुबह और शाम नाक के दोनों छिद्रों में तिल का तेल या नारियल का तेल या घी लगाएं। ध्यान रहे इसकी मात्रा बहुत ज्यादा न हो।
– ऑयल पुलिंग थेरेपी : एक बड़ी चम्मच तिल का तेल या नारियल का तेल मुंब में लें। ध्यान रहे इसे पीना / गटकना नहीं है। इसे दो से तीन मिनट के लिए मुंह में घुमाएं और फिर थूक दें। फिर हल्के गर्म पानी से कुल्ला कर लें। ये प्रक्रिया दिन में एक या दो बार की जा सकती है।
– अगर गले में खरास या सूखा कफ है तो दिन में एक बार स्टीम ले सकते हैं। पुदीने की कुछ पत्तियां और अजवाइन को पानी में गर्म करके इसका स्टीम लें।
– गुड़ या शहद के साथ लॉन्ग का पाउडर मिलाकर इसे दिन में दो से तीन बार खाएं। हालांकि अगर सूखा कफ या गले में खरास की समस्या लंबे समय तक रहती है, तो बेहतर होगा कि आप किसी डॉक्टर को दिखाएं।

लेखिका
डॉ सुष्मिता सिंह
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ – अपोलो क्रेडल अस्पताल, पुणे
(गृह जिला – दरभंगा, बिहार)

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