पटना का श्री महावीर स्थान न्यास समिति उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक न्यास समितियों में से एक है, यह समिति महावीर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के अलावा, महावीर वात्सल्य हॉस्पिटल, महावीर आरोग्य अस्पताल समेत कई अन्य अस्पताल गरीब और जरूरतमंद लोगो कें उपकार के लिए संचालित करती है।

महावीर कैंसर संस्थान (महावीर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर)

भारत के उत्तर पूर्व हिस्से में कैंसर रोगियों के भारी बोझ और पर्याप्त उपचार सुविधाओं की कमी को समझते हुए प्रसिद्ध महावीर मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार 1998 में पटना में महावीर कैंसर संस्थान और अनुसंधान केंद्र (एमसीएसआरसी) शुरू किया था। यह एक छत के नीचे सभी उपचार सुविधाओं के साथ एक धर्मार्थ कैंसर संस्थान है। फुलवारीशरीफ में स्थित यह संस्थान पटना हवाई अड्डे से 2 किमी और पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन से 7 किमी दूर है।

महावीर वात्सल्य अस्पताल

लगभग 11 करोड़ की आबादी वाले बिहार झारखंड में नवजात शिशु और मां का बड़ा बोझ होता है। देश के इस हिस्से में इस विशाल बोझ और पर्याप्त उपचार सुविधाओं की कमी को समझते हुए महावीर मंदिर ने पहली बार सुपर स्पेशलिटी नवजात और मां की देखभाल अस्पताल स्थापित करने की योजना बनायी थी। अस्पताल की नींव 21 अक्टूबर 2003 को महामंडलेश स्वामी विद्यानंद गिरि महाराज द्वारा कैलाश आश्रम, हरिद्वार और 30 अप्रैल 2006 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटन किया गया। मंदिर ने इस अस्पताल को 120 बिस्तर वाले सामान्य सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के रूप में बदलने की योजना बनाई जहां नवजात, ओबस्टेट्रिक्स और गायनोकोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, आई, ऑरोडेंटल, सामान्य सर्जरी, त्वचा और फिजियोथेरेपी और सामान्य दवा के बारे में बेहतर उपचार प्रदान किया जा सकता है।

महावीर आरोग्य संस्थान

सात नवंबर 1988 को महावीर आरोग्य संस्थान की नींव द्वारिका पीठ शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद जी ने रखी थी। एक जनवरी 1989 से पटना के किदवईपुरी में एक किराये के मकान में शुरू हुआ अस्पताल इसके बाद कंकड़बाग में स्थानांतरित कर दिया गया। दिसंबर 2005 तक एक ओपीडी अस्पताल के रूप में काम करना शुरू कर दिया। मंदिर ट्रस्ट ने भूमि और भवन खरीदे और सभी सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के साथ 60 बिस्तर वाला इनडोर अस्पताल शुरू कर दिया। एंबुलेंस, ऑडियोमेट्री, कार्डियालॉजी, डॉपलर, सीटी स्कैन, दांत, ईएनटी, नेत्र, नेत्र-बाल चिकित्सा नेत्र विज्ञान, गैस्ट्रो, आम दवाई, पेडियट्रिक सर्जरी, आईसीयू, नेफ्रोलॉजी, हड्डी रोग विज्ञान, प्लास्टिक सर्जरी के साथ ही त्वचा और उसकी सर्जरी, मूत्र विज्ञान, टीकाकरण, एक्स-रे आदि की सेवाएं यहां दी जाती है।

महावीर नेत्रालय

बिहार झारखंड में नेत्र रोगियों के लिए अच्छा अस्पताल नहीं होने के कारण चेन्नई, सीतापुर और अलीगढ़ जाने वालों की अच्छी खासी संख्या है। इसकी नींव 21 जनवरी 2006 को सीएम नीतीश कुमार ने रखी थी। यहां शंकर नेत्रालय चेन्नई, कोलकाता, अलीगढ़, सीतापुर आदि अस्पतालों से चिकित्सक आते रहते हैं और बहुत ही कम दर पर यहां इलाज किया जाता है। अभी रोज पांच सौ मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। गरीबों का इलाज पूरी तरह फ्री है। इस अस्पताल में ग्लूकोमा क्लिनिक, रेटिना क्लिनिक, डायबीटिक रेटिनोथेरेपी क्लिनिक आदि मौजूद हैं।

महावीर हृदय रोग अस्पताल

श्री महावीर स्थान न्यास समिति द्वारा संचालित महावीर हृदय रोग अस्पताल का शुभारंभ 25 अप्रैल 2016 को हुआ था। महावीर वात्सल्य अस्पताल के प्रांगण में एम्स, नई दिल्ली के हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. वीके बहल ने इसकी शुरूआत की थी। अस्पताल में न्यूनतम दर पर हृदय रोगों के इलाज की सुविधा बहाल की गयी है। हृदय रोगियों को बेहतर इलाज के लिए यह सुविधा अभी वात्सल्य अस्पताल के प्रांगण में ही की गयी है। इसमें लगातार नई सुविधाएं दी जा रही है।

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