कीर्तिमाला – बिहार को भले ही हमेशा से ही एक पिछड़ा राज्य माना जाता रहा है ,लेकिन ये भी सच है कि यहां के पर्यटन स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है…बिहार के उन्हीं पर्यटक स्थलों में से एक है सभ्यता द्वार।……

सभ्यता द्वार भारतीय राज्य बिहार में पटना शहर में गंगा नदी के तट पर स्थित एक बलुआ पत्थर आर्क स्मारक है। सभ्यता द्वार को मौर्य-शैली वास्तुकला के साथ बनाया गया है। जिसे बिहार राज्य की पाटलिपुत्र और परंपराओं और संस्कृति की प्राचीन महिमा दिखाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका निर्माण कार्य 20मई 2016 से शुरु हुआ और 2018 में यह बनकर तैयार हो गया। और 20 मई 2018 को इसका उद्घाटन बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा किया गया। सभ्यता द्वार का निर्माण राजस्थान से रेड एंड वाइट सैंड स्टोन मगाकर किया गया है। भवन निर्माण विभाग ने सभ्यता द्वार के आसपास काफी खूबसूरत गार्डेन भी बनाया है। गार्डेन भी पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया, नई दिल्ली का इंडिया गेट और फतेहपुर सीकरी के बुलंद दरवाजा की श्रृंखला में ही यह सभ्यता द्वार भी है। पटना का लैंडमार्क सभ्यता द्वार पर बिहार से जुड़े चार महापुरुषों के सदेशों को लिखा गया है। बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महात्मा बुद्ध, जैन धर्म के 24वें तीर्थकर भगवान महावीर, सम्राट अशोक, मेगस्थनीज की वाणी पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही है।

लेखिका : कीर्तिमाला, सोनपुर (सारण) की रहने वाली और पत्रकारिता की छात्रा है |

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