कोशी टप्पू वाइल्ड लाइफ रिजर्व में पहाड़ी पीली मैना

जय बिहार- हम बिहार के उत्तरी- पूर्वी क्षेत्र वीरपुर में बसे हुए हैं ।यहाँ से मात्र आठ कीलोमीटर की दूरी पर कोशी नदी के उपर “कोशी बराज “बाँध का निर्माण 1962 में भारत नेपाल के सहयोग से शुरू किया गया था । ये एक पर्यटक स्थल भी है । बराज- निर्माण से पूर्व ही कोशी प्रोजेक्ट की स्थापना की गई थी, जो आज एक अनुमंडल है । वीरपुर से मात्र तीन कीलोमीटर उत्तर से “कोशी टप्पू वाइल्ड लाइफ रिजर्व “की शुरुआत हो जाती है । इसे हम मृगवन के नाम से भी संबोधित करते हैं । यहाँ मुख्य रूप से हाथी ,जंगली भैंसे, हिरण, जंगली सूअर, अजगर, मगरमच्छ अनेको पक्षी को संरक्षण दिया जा रहा है । इन वन्य जीवों के साथ यहाँ के निवासी रहने के अभ्यस्त हैं । क्रमबद्ध रूप से इन पशु- पक्षियों से मैं आपका परिचय करवाऊँगी ।आज सबसे पहले मैं आपको पहाड़ी पीली मैना से मिलवाऊंगी । इस क्षेत्र में मैं ने अभी तक चार प्रकार के मैना को देखा है ।बहुत कोशिश के बावजूद एक की तस्वीर नहीं ले पाई हूँ । अत्यधिक शर्मीली होती है वो । तो सबसे पहले पीली मैना । जिसे हम पहाड़ी मैना और लगनी चिड़ैया भी कहते हैं । इसकी सुरीली आवाज सम्मोहित करती है । जैसे किसी से वार्तालाप कर रही हो। ये हमारे कोशी टप्पू वाइल्ड लाइफ रिजर्व की शान है ।

 

रिपोर्ट : शशिकला झा,
शिक्षा- एम ए (राजनीति विज्ञान)
कार्य- लेखन
हाॅबी- फोटोग्राफी, म्यूजिक कंपोजर ।
पत्रिकाओं में लेखन प्रकाशित व सक्रिय

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