सिजेरियन के बाद हो कैसे हो सकती है नॉर्मल डिलीवरी जानें अपोलो क्रैडल अस्पताल की डॉ सुष्मिता से

डॉ सुष्मिता सिंह जो अपोलो क्रैडल अस्पताल, पुणे में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ है, बताती है की गर्भावस्था एक महिला के लिए महत्वपूर्ण समय होता है | इस समय महिला के शरीर में तमाम बदलाव होते हैं | कभी वह गर्भवती होने से बेहद खुश होती है तो कभी परेशान भी कि जल्दी से डिलीवरी हो जाए |  लाइफस्टाइल के चलते महिलाओं के लिए और भी ज़्यादा दिक्कतें होती हैं | इसी वक्त में खुद को स्वस्थ्य रख पाना उनके लिए मुश्किल हो गया है और पहले की तरह नॉर्मल डिलीवरी करना नामुमकिन | ज्यादातर मामलों में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ऑपरेशन से डिलीवरी करती हैं | इसके कई नुकसान भी होते हैं | लेकिन कई मामलों में अब महिलाएं अपना दूसरा बच्चा वजाइनल डिलीवरी से चाहती हैं | पर एक मिथ्या है कि पहला बच्चा अगर ऑपरेशन से हुआ है तो दूसरे बच्चे का वजाइनल डिलीवरी तकरीबन से नामुमकिन होता है | जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है |

डॉ सुष्मिता बताती हैं कि ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद कैसे दूसरा बच्चा वजाइनल डिलीवरी से हो सकता है | ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद वजाइनल डिलीवरी के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है. | डॉ सुष्मिता ने बताया कि सिजेरियन के बाद अगर आप वजाइनल डिलीवरी करना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा जैसे की –

1. दोनों गर्भावस्थाओं के बीच का अंतर : अगर सिजेरियन के बाद वजाइनल डिलीवरी का विकल्प अपनाना चाहती हैं तो इसके लिए सबसे पहले इस बात पर ध्यान देना होगा कि आपकी दोनों प्रेग्नेंसिज के बीच में कितना अंतराल है | कम से कम 18 महीने का अंतर होना जरूरी माना गया है |

2. नौंवे महीने में बच्चे का वजन : अगर वजाइनल बर्थ का विकल्प चुनना है तो इसके लिए नौंवे माह में बच्चे के वजन पर नजर रखना जरूरी है | बच्चे का वजन काफी हद तक यह तय करता है कि डिलीवरी वजाइनल होगी या सिजेरियन से |

3. बच्चे की स्थिति : डिलीवरी के समय बच्चे का सिर नीचे की तरफ होना चाहिए | ऐसा न होने पर स्थिति सिजेरियन डिलीवरी की ओर ज्यादा झुक जाती है |

4. पहली प्रेगनेंसी के दौरान आखिर क्यों सिजेरियन करना पड़ा इसके पीछे के कारणों को भी नजर में रखा जाता है | इस बात का पूरा ध्यान दिया जाता है कि इस बार भी वही कारण न बने हुए हों |

6.  पिछले घाव कितने भर चुके हैं इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाता है |

किसी भी बात पर कोताही न बरतना मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है | इसलिए अगर सिजेरियन डिलीवरी के बाद वजाइनल डिलीवरी चाहती हैं तो अपनी डॉक्टर/स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ से अच्छी तरह समझ लें कि आपके लिए यह कितना सही होगा और कितना नहीं |

 

लेखिका : डॉ सुष्मिता सिंह,
एमबीबीएस, एमएस, फेलोशिप
(स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ – अपोलो क्रैडल अस्पताल, पुणे)
गृह जिला – दरभंगा, बिहार

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