मोक्षदा गर्ल्स स्कूल, भागलपुर : बौद्धिक विरासत को संजोये है बिहार का यह पहला बालिका विद्यालय

भागलपुर स्मार्ट सिटी के तहत नगर के टाउन हाल, लाजपत पार्क व चिल्ड्रेन पार्क को मिलाकर मानिक सरकार मोहल्ले के आसपास के इलाके को हेरिटेज ब्लाक और रिक्रिएसन जोन बनाने की योजना प्रस्तावित है। इसी जोन में लाजपत पार्क के बगल में स्थित मोक्षदा गर्ल्स स्कूल एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान है जो करीब 180 वर्षों से भागलपुर की बौद्धिक विरासत को संजोये नारी शिक्षा व सशक्तिकरण की अलख जगा रहा है।

यहां की छात्रा बनी देश की पहली महिला ग्रेजुएट व लेडी डाक्टरः-

भागलपुर निवासी ब्रह्म समाजी ब्रज किशोर बसु के घर 18 जुलाई, 1861 में जन्मी कादम्बिनी गांगुली इसी स्कूल से 1878 में इन्टरेंस की परीक्षा पास की तथा कोलकाता से 1880 में एफए (इंटर) व तत्पश्चात् 1882 में स्नातक की परीक्षा पास कर ब्रिटिश भारत की पहली महिला ग्रेजुएट बनी। फिर 1888 में मेडिकल की डिग्री हासिल कर भारत ही नहीं, अपितु ब्रिटिश एशिया की पहली लेडी डाक्टर बनी। बाद में लंदन जाकर मेडिकल की ऊच्च डिग्रियां हासिल की। उन दिनों लड़कियों को इन्टरेंस याने मैट्रिक से उपर अथवा मेडिकल शिक्षा प्राप्त करना वर्जित था। किंतु कादम्बिनी ने संघर्ष कर दाखिला लिया और न सिर्फ अपने लिये, वरन् देश की सभी महिलाओं के लिये उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया जो अपने आप में ऐतिहासिक है।

महर्षि अरविन्दो के पिता ने की थी विद्यालय की स्थापनाः-

यह भी गौरतलब़ है कि इस स्कूल की स्थापना देश के प्रमुख आध्यात्मिक गुरु रहे महर्षि अरविन्दो घोष के पिता डा. केडी घोष ने 31 जनवरी,1868 में की थी जो सूबे का पहला गर्ल्स स्कूल था।जिसका नाम भागलपुर गर्ल्स इंस्टीट्यूसन रखा गया। बाद में शहर के अग्रणी सामाजिक व्यक्ति राजा शिवचन्द्र बनर्जी द्वारा विद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के कारण उनकी माता के नाम पर मोक्षदा गर्ल्स स्कूल पड़ा।

रहा है उत्कृष्ट योगदानः-

विद्यालय की शिक्षिका छाया पाण्डेय बताती हैं कि आज भी यहां की छात्राएं नारी शिक्षा का परचम लहरा रही हैं। आस्ट्रेलिया में फिजिक्स की प्रोफेसर चन्द्रलेखा बनर्जी, आर्मी में डाक्टर कल्पना सूर, देश की प्रख्यात लेडी डाक्टर जगदेश्वरी मिश्रा सहित शहर की जानी-मानी महिला चिकित्सक डा. विभा पाण्डेय यहां की छात्रा रही हैं। विद्यालय से निकली सैकड़ों छात्राएं इंजीनियर, बैंक अधिकारी आदि के पदों पर कार्यरत हैं।

बन सकता है महत्वपूर्ण हेरिटेज डेस्टिनेशन:-

अपने आगोश़ में इतिहास व उपलब्धियों के महत्वपूर्ण पन्नों को संजोये मोक्षदा गर्ल्स स्कूल हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केन्द्र बन सकता है जहां अपने हेरिटेज से रुबरू होकर कोई भी प्रेरणा ग्रहण कर सकेगा।

लेखक : शिव शंकर सिंह पारिजात (इतिहासकार),
अव. उप जनसम्पर्क निदेशक, भागलपुर

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