सिंगापुर में मधुबनी पेंटिंग कला को विश्व स्तर पर दिला रही पहचान : श्वेता झा 

श्वेता झा मधुबनी जिले के मंगरौनी गांव में जन्मी हुई, जयनगर में ब्याही, रांची में पली-बढ़ी और अब पिछले तेरह वर्षो से अपने पति दीपक झा के साथ सिंगापुर में रह रही है | श्वेता रांची विश्वविद्यालय से भूगोल में मास्टर तक की पढ़ाई की हुई है | सिंगापुर में मिथिला/मधुबनी पेंटिंग को पहचान दिलाने के लिए श्वेता को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा लेकिन कठोर परिश्रम की वजह से वो इसमें भी सफल रही | दो युवा बच्चों की माँ होने के नाते, कार्य-जीवन में संतुलन बनाए रखने की चुनौती श्वेता के लिए उतनी ही जटिल और कठिनाई देने वाली थी, जितनी किसी अन्य सामान्य महिला की होती है | श्वेता के पति एक शानदार सहायक पति के रूप में काफी सहयोगात्मक रहे जिससे श्वेता घर के कामो के साथ-साथ अपनी पेंटिंग के लिए दस घंटे दे पाती है | श्वेता एक अनुशासित दृष्टिकोण रखने के साथ ही अपने काम को प्राथमिकता देने की कोशिश करती है | अब यह काम श्वेता के लिए थोड़ा आसान लगता है और दिन के अंत में, श्वेता किसी तरह अपने कलात्मक जुनून को आगे बढ़ाने के लिए दस घंटे निर्धारित करने के लिए प्रबंध करती है । श्वेता के अनुसार यह वह सब है जो उनको खुद को खुशी से आगे रखती है । श्वेता की खुद की “तितली गैलरी ऑफ़ मधुबनी आर्ट ” नाम से अपनी वेबसाइट और गैलरी है | मधुबनी/मिथिला पेंटिंग को अंतराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए श्वेता झा सिंगापुर में तितली फाउंडेशन की स्थापना की | इस संस्था के माध्यम से युवाओ को मधुबनी/मिथिला कला की बारीकियों को समझाने का काम करती है | श्वेता की बनाई पेंटिंग में पारम्परिकता के रंगो की भी झलक देखने को मिलती है तो आधुनिकता की भी | प्रकृति, प्रेम और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित उनकी पेंटिंग में जहा एक ओर रामायण के पात्रो का सजीव चित्रण किया है | वही भगवान् बुद्ध और भगवान बालाजी की पेंटिंग देश-विदेश में सफल रही है | श्वेता कागज़ और कैनवास दोनों पर मिथिला पेंटिंग बनाती है | श्वेता की पेंटिंग लोगों को प्रकृति और परंपरा के नजदीक लाती है |

पुरस्कार और सम्मान

— क्लब फॉर यूनेस्को अवार्ड्स एंड ऑनर्स, रोम, इटली – नवम्बर 2015 में  

— विशेष श्रेणी स्वर्ण पदक, कहरामना आर्ट एसोसिएशन, बग़दाद – नवम्वर 2015

— SFBA, सिंगापुर द्वारा सर्टिफिकेशन ऑफ़ पार्टिसिपेशन द्वारा – अप्रैल 2016

— जेरवास आर्ट आर्गेनाइजेशन द्वारा स्पेशल अवार्ड, मास्को आर्ट सिम्पोजियम – जुलाई 2016

— इंटरनेशनल अवार्ड – टैलेंट एंड प्रोफेशनल्स 2017, मैड्रिड (स्पेन)

— मेट्रोपोलिटन एम्पायर प्राइज 2017, न्यूयार्क (यूएसए)

— क्राफ्ट्सवुमेन ऑफ़ द ईयर अवार्ड – दिसंबर  2018

— इंटरनेशनल क्राफ्ट्स अवार्ड – 2018

— डॉ तान तसजे कोर अवार्ड, सिंगापुर – 2018

— प्रेसिडेंट ऑफ़ जेरवास आर्ट क्लब, सिंगापुर

— कोस्टांजा फाउंडेशन (इटली) की ब्रांड एम्बेस्डर सिंगापुर में

— एक्सपर्ट मेंबर – इंटरनेशनल कल्चर एंड आर्ट्स फेडरेशंस (ICAF), साउथ कोरिया

— मेंबर ऑफ़ सिंगापुर आर्ट सोसाइटी

— असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ़ वीमेन आर्टिस्ट एसोसिएशन, सिंगापुर

— श्वेता झा को जीएमआर एसोसिएट नई दिल्ली में मेनका गांधी के द्वारा इंटरनेशनल क्राफ्ट वुमेन ऑफ द ईयर के अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चूका है |

श्वेता झा को कई राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है | जैसे – मेट्रोपॉलिटन इंस्पायर अवार्ड, यूनेस्को अवार्ड, टैलेंट अवार्ड सहित विश्व के आधे दर्जन से अधिक देशो में उन्हें सम्मानित किया जा चुका है | बहुत सारे राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होने के बाद भी श्वेता को अपनी जन्मभूमि बिहार से पुरस्कार और सम्मान प्राप्त नहीं होने का अफ़सोस है | श्वेता का कहना है की अपने बिहार द्वारा प्राप्त पुरस्कार और सम्मान एक तरफ और पूरी दुनिया से मिला हुआ पुरस्कार और सम्मान एक तरफ है |

पेंटिंग एक्जीबिशन

— कला केयर द्वारा “आर्ट फॉर अर्थ” – गैलेरी नव्या, नई दिल्ली – जून 2014

— आर्ट वर्कशॉप, सिंगापुर, जून 2015

— ग्रुप एक्जीबिशन, आर्टसेफ SG – जुलाई 2016

— प्रोफाउंड डिविनिटी, आईटीसी शेरटन, दिल्ली, हिन्दुस्तान – दिसंबर 2016

— द गोल्डन रूस्टर, कंटेम्पररी फाइन आर्ट ग्रुप एक्जीबिशन, यंग गैलरी, बीजिंग – फरवरी 2017

— द ग्रेट एग वेंचर, सेंटोसा, सिंगापुर – मार्च  2016

— ए कल्चरल बॉन्डिंग, आयन आर्ट गैलरी, ऑर्चर्ड, सिंगापुर – मार्च – 2017

— मिरादास, मिरिया मारसन गैलरी, सिंगापुर – अप्रैल 2017

— पर्सपेक्टिव्स फोर्ट्रेस ऑफ़ साग्रेस, पुर्तगाल – जुलाई 2017

— द अर्थ आई लव, एनुअल इंटरनेशनल एनवायरनमेंट आर्ट एक्जीबिशन, म्यूजियम, साउथ कोरिया – सितम्बर 2017

— एक्जीबिशन, ह्वैं गैलरी, येसु, साउथ कोरिया – नवम्बर 2017

— माई होमलैंड, द थीम फॉर 2018 एनुअल एक्जीबिशन, सिंगापुर आर्ट सोसाइटी, आयन आर्ट गैलरी, ऑर्चर्ड, सिंगापुर – मार्च 2018

— ट्रुथ, गुडनेस एंड ब्यूटी आर्ट एक्जीबिशन, वीमेन आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिंगापुर) और फेडरेशन ऑफ़ आर्ट सोसाइटीज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित – 2018

— सिंगापुर कला संगोष्ठी का आयोजन, एक क्यूरेटर के रूप में – जुलाई 2018

गैलरी और निजी संकलन

— सिंगापुर के निजी कलेक्टर- ARTSAFE एस.जी.

— श्वेता की पेंटिंग्स आर्ट गैलरी और आर्ट कलेक्टर्स के प्राइवेट कलेक्शंस में सिंगापुर, यूएसए, यूके, यूरोप, कोरिया, ऑस्ट्रिया, रूस, संयुक्त अरब अमीरात, जापान और भारत में हैं।

श्वेता बताती है की मधुबनी कला अपने आप में निराली है | इस कला के माध्यम से लोग अपनी परम्परा को आधुनिकता के साथ मिलाकर एक नया स्वरूप दे सकते है जो की विश्व कला के लिए एक अध्भुत संगम होगा | श्वेता को बचपन से ही मधुबनी कला अपनी ओर आकर्षित करती रही है, इस कारण श्वेता इस कला को अपनाने की ठानी | श्वेता आगे बताती है की मिथिलांचल, भारत और विश्व में मधुबनी/मिथिला कला को अभी और नई-नई उंचाईया हासिल करना बाकी है |सिंगापुर में “एक बिहारी सब पे भारी” का तकिया कलाम प्रयोग करने वाली श्वेता,  बिहार के मिथिला/मधुबनी पेंटिंग के कलाकारों को कहना चाहती है की “आप कड़ी मेहनत पुरे जोश के साथ करते | अपनी मेहनत से कोइ समझौता नहीं कीजिये और अपने काम के जरिये अपनी एक अलग पहचान बनाइये” | 

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